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Star and Delta Winding in Transformer Hindi. Star Delta winding

August 08, 2018
Star and Delta Winding in Transformer Hindi, Transformer में दो तरह की Winding होती है, Star and Delta. अब कौन सी Winding कहाँ पर की जाती है ये आपको इस पोस्ट में पढ़ने को मिलेगा। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |
Star and Delta Winding in Transformer Hindi.
Star and Delta Winding

Star Winding in Transformer

Star Winding को हम Distribution Transformer में इस्तेमाल करते है, Star Winding को इस्तेमाल करने का में मकसद Neutral होता है। जैसे कि जो आपके घर के आस पास Transformer है वो एक Distribution Transformer है और उस Transformer में Star Winding की गई होगी। जब हमको Customer को Electrical Supply देनी होती है तो हम Customer को एक Phase Wire और एक Neutral Wire देते है, क्योंकि हमारे घरों का सभी load, Single Phase पर Operate होता है। लेकिन जब हम Industrial Areas में Electricity Distribute करते है तो ज्यादा तर Companies के खुद के Transformer होते है और उन Transformer में Primary side Delta Winding और Secondary side Star Winding की गई होती है।

Delta Winding in Transformer



Delta Winding को Transmission में इस्तेमाल होने वाले Transformers में इस्तेमाल किया जाता है। इस जगह Star Winding इसलिए इस्तेमाल नही की जाती क्योकि यहाँ पर हमको Neutral Wire की कोई जरूरत नही होती। Delta Winding को इस्तेमाल करने से Transmission की Cost कम हो जाती है। हमारे घरों के आस पास लगे Transformer की Primary side Delta Winding होती है और Secondary side Star Winding होती है।


Star - Star Winding


Star - Star Winding में Transformer के दोनों side Star Winding होती है, मतलब की Transformer की Primary और Secondary दोनों side Star Winding इस्तेमाल की जाती है। इस प्रकार की Winding को भी ज्यादातर Distribution में इस्तेमाल किया जाता है।

Delta - Delta Winding


Delta - Delta Winding में Transformer के दोनों side मतलब की Primary side और Secondary side Delta Winding की जाती है। इस Winding को Transmission में इस्तेमाल किया जाता है, क्योकि Transmission में Neutral की कोई जरूरत नही पड़ती।

Delta - Star Winding


Delta - Star Winding में Transformer के एक side Delta Winding और दूसरी side Star Winding की जाती है। Transformer के Primary side Delta और Secondary side Star Winding की जाती है। इस Transformer को Distribution में इस्तेमाल किया जाता है। आपके घरों के आस - पास जो Transformer होगा उसमें यही Winding इस्तेमाल की गई होगी।

Star - Delta Winding


Star - Delta Winding में Transformer के एक side Star Winding और दूसरी side Delta Winding की जाती है। Transformer के Primary side Star और Secondary side Delta Winding की जाती है। इस प्रकार की Winding वाले Transformer काफी कम इस्तेमाल किए जाते है।

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Star and Delta Winding in Transformer Hindi. Star Delta winding Star and Delta Winding in Transformer Hindi. Star Delta winding Reviewed by Joshi Brothers on August 08, 2018 Rating: 5

Why Transformer not used in DC Supply in Hindi ? Transformer in DC Supply

August 05, 2018
Why Transformer not used in DC Supply in Hindi ? जैसा कि हम जानते है Transformer, Faraday's के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन (Electromagnetic Induction) पर काम करता है। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |
Why Transformer not used in DC Supply in Hindi ?
Transformer in DC Supply

Transformer A.C Supply पर काम करता है, इसमे कोई भी घूमने वाला भाग नही होता ये एक स्थिर मशीन है।
Transformer, को A.C Supply से कनेक्ट करने पर इसमें Resistance और Reactance की वजह से Impedance, Current को Control करता है। लेकिन DC Supply में ना तो Reactance होता और ना ही Impedance होता है। DC Supply में सिर्फ Resistance ही Current को Control करता है। AC Supply में Transformer की Primary Winding को supply से जोड़ने पर Transformer कोर में flux generate होता है जोकि core के चारो तरफ घूमने लगता है। Flux के चारों तरफ घूमने के कारण ये Flux Secondary Winding से भी link करता है। जब ये Secondary Winding से link करता है तो Secondary Winding में E.M.F पैदा हो जाती है और हमको output voltage मिल जाता है। लेकिन अगर हम transformer को DC supply से जोड़ेंगे तो उस समय Transformer की Primary Winding में जो Magnetic Flux बनेंगे वो Constant होंगे और Primary Winding के पास ही रहेंगे जिसकी वजह से Transformer की Primary Winding जल भी सकती है। दूसरा कारण ये है कि Transformer की Winding का Resistance कम होता है, और DC Supply में Current को सिर्फ Resistance ही Control करता है, Transformer  की Winding का Resistance कम होने की वजह से Winding ज्यादा Current लेगी और ज्यादा current लेने की वजह से Transformer की Primary Winding जल भी सकती है।



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All Parts of Transformer in Hindi, Transformer Construction in Hindi

July 26, 2018
जैसा कि हम सब जानते है कि Transformer एक ऐसा Device है जो Voltage और Current को बिना उसकी Frequency बदले एक लेवल से दूसरे लेवल में बदलने का काम करता है। Transformer Electrical Machines में बहुत ही महत्वपूर्ण मशीन है। इस पोस्ट में हम Transformer के Parts और इसके Construction के बारे में बात करने वाले है, तो  आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें और अपने दोस्तों में भी जरूर शेयर करें। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

All Parts of Transformer in Hindi
Transformer

ट्रांसफार्मर के भाग। (Parts of Transformer)

Transformer के कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होते है जोकि नीचे दिए गए है:-
  • कोर (Core)
  • वाइंडिंग (Winding)
  • टर्मिनल और बुशिंग्स (Terminal or Bushing)
  • ट्रांसफार्मर टैंक (Transformer Tank)
  • ट्रांसफार्मर आयल (Transformer Oil)
  • कंजरवेटर टैंक (Conservator Tank)
  • ब्रीथर (Breather)
  • बुचाल्स रिले (Buchholes Relay)
  • कूलिंग प्रणाली (Cooling System)


कोर (Core):- Transformer के जिस हिस्से में Winding की जाती है उसको कोर (Core) कहते है। Core हमेशा Silicone Steel के बने होते है, और हर एक core की मोटाई लगभग 0.5mm होती है, हर एक core full laminate होता है ताकि Eddy Current और Hysteresis Losses कम से कम किए जा सकें।

वाइंडिंग (Winding):- Voltage और Current को एक लेवल से दूसरे लेवल में बदलने का काम Transformer में Winding का ही रहता है। Transformer में दो Windings होती है। पहली Primary Winding और दूसरी Secondary Winding फिर चाहे वो Single Phase Transformer हो या फिर Three Phase Transformer. Transformer की जिस Winding को Supply Voltage से जोड़ा जाता है वो Winding, Primary Winding होती है और जिस तरफ Load लगा होता है वो Winding Secondary Winding होती है। इस प्रकार आप किसी भी Transformer में आंख बंद करके बता सकते है कि कौन सी Winding Primary है और कौन सी Secondary.

टर्मिनल और बुशिंग्स (Terminal or Bushings):- 
Transformer के सबसे उप्पर वाले हिस्से में जहाँ पर Connection किए जाते है फिर चाहे वो Primary side के हो या फिर Secondary side के वहाँ पर उप्पर की तरफ कुछ टर्मिनल निकले होते है, जहाँ पर Connection किए जाते है। इन टर्मिनल को ही टर्मिनल और बुश कहाँ जाता है। ये Transformer के अंदर Transformer की Winding से जूड़े होते है औऱ इन्ही के जरिए Transformer की Winding को Supply Voltage दी जाती है और Load Voltage ली जाती है।

ट्रांसफॉर्मर टैंक (Transformer Tank):- Transformer का जो हिस्सा हमको बाहर से देखने को मिलता है, वो Transformer Tank ही होता है। Transformer Tank एक खाली Tank होता है जिसके अंदर Transformer Winding रखी होती है। अगर Transformer में Oil Cooling इस्तेमाल की जा रही है तो इस Tank में Transformer Oil भी होता है, ताकि Transformer की Winding को Cool रखा जा सकें।

ट्रांसफॉर्मर आयल (Transformer Oil):- Transformer Oil, Transformer में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण चीज है। Transformer Oil का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि जब Transformer अपना काम कर  रहा होता है तो Transformer की Winding में कुछ Heat Losses होते है, जिसकी वजह से Transformer की Winding गर्म हो जाती है। अगर Transformer की Winding को ठंडा करने के लिए कोई प्रावधान ना किया जाए तो Heat Losses की वजह से कुछ ही समय बाद Transformer की Winding जल सकती है। इसलिए Transformer में Cooling के लिए Transformer Oil को इस्तेमाल किया जाता है।

कंजरवेटर टैंक (Conservator Tank):- जैसा कि हमने आपको Transformer Tank के बारे में बताया था कि Transformer Tank में Transformer Winding और Transformer Oil होता है, उसी तरह से Conservator Tank में भी Transformer Oil होता है। Conservator Tank एक छोटा सा टैंक होता है, जोकि Transformer के ऊपर वाले हिस्से में लगा होता है। ये Tank Transformer के Main Transformer से एक Pipe की मदद से जुड़ा रहता है और इस tank को हमेशा आधा Transformer Oil से भरा रखते है और इस tank से Breather भी जुड़ा रहता है, ताकि जब भी Transformer के main tank में कोई भी short circuit हो या Transformer over load हो जाए तो उस स्थिति में Transformer Oil का लेवल temperature बड़ने से ऊपर की तरफ उठने लगेगा और अगर temperature ज्यादा बड़ जाएगा तो Breather के रास्ते बाहर निकल जाएगा। लेकिन ऐसा बहुत कम होता है, Conservator Tank को Oil से आधा इसलिए ही भरा जाता है ताकि जब भी Transformer के main tank में oil का लेवल बड़े तो वो बाहर ना निकले Conservator Tank में  ही रहे, और जब Transformer Oil का temperature कम हो जाए तो Transformer Oil वापस अपने लेवल पर चला जाए।

ब्रीथर (Breather):- जैसा कि हमने आपको ऊपर Conservator Tank के बारे में बताया कि जब Transformer Oil का temperature ज्यादा बड जाता है तो Transformer Oil बाहर निकलने कि कोशिश करता है या जब Transformer Oil का लेवल temperature बडने से ऊपर उठने लगता है तो कुछ gases भी बनती है जिनका बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है। ये सभी गैस Conservator Tank से होते हुवे Breather के रास्ते ही बाहर निकलती है, और जब Transformer Oil का temperature कम होता है तो Transformer Oil का लेवल नीचे जाने लगता है जिसकी वजह से Transformer हवा लेता है। ये हवा भी Transformer, Breather के रास्ते ही लेता है। Breather में हम Silica Gel डाल के रखते है ताकि जब Transformer हवा अंदर ले तो हवा के साथ किसी भी तरह की कोई नमी या धूल-कंकण ना जाए। क्योकि अगर ऐसा हुवा तो Transformer Oil खराब हो जाएगा या उसकी Dielectric Strength कम हो जाएगी।

बुचाल्स रिले (Buchholzs Relay):- Buchholzs Relay, Transformer का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, ये Transformer की safety के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है और Transformer के main tank और conservator tank के बीच के लगा होता है। जब भी Transformer Oil का temperature बड़ता है तो Transformer Oil तेजी से Conservator Tank की तरफ जाता है। जब भी transformer में ये सब हो रहा होता है तो Buchholz Relay से ही हमको पता लगता है कि Transformer Oil का temperature बड़ गया है। जब Transformer Oil तेजी से conservator tank की तरफ जाता है तो Buchholz Relay के बीच मे लगे होने से इसके अंदर का Plunger push होता है जोकि एक circuit complete करता है यानी कि NO से NC बनता है और Transformer से पहले लगे Circuit Breaker को बंद कर देता है जिससे Transformer में किसी भी तरह की दुर्घटना को टाला जा सकता है।

कूलिंग प्रणाली (Cooling System):- अलग - अलग Rating के Transformers में Cooling भी अलग - अलग तरीके से की जाती है जैसे:-
  • Natural Air Cooling.
  • Air Blast Cooling.
  • Oil Cooling.
  • Oil immersed Cooling.
  • Oil Immersed Forced Water Cooling.
  • Oil Immersed Forced Air Cooling.

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Transformer Working Principle in Hindi. Transformer Working

July 18, 2018
Transformer एक ऐसी मशीन है जिसमें कोई भी घूमने वाला भाग नही होता। ये बिना Frequency को बदले Voltage और Current को कम या ज्यादा करता है, जैसा कि हमने आपको अपने पिछली पोस्ट में बताया था। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

Transformer का कार्य सिद्धन्त। (Transformer Working)

Transformer फैराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के सिद्धांत पर काम करता है। फैराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिद्धान्त के अनुसान जब भी कोई चालक (Conductor) बदलए हुवे फ्लक्स के लिंक करता है या उसके सम्पर्क में आता है तो उस चालक (Conductor) में ई.एम.एफ (EMF) पैदा हो जाती है। और ये पैदा होने वाली EMF फ्लक्स परिवर्तन की दर (Rate of Changing Flux) और चालकों की कुल संख्या (Number of Conductor) के समानुपाती होता है।
Transformer Working Principle in Hindi.
Transformer Working
जैसा कि आप इस Diagram को देख रहे है, Transformer में दो Winding होती है Primary Winding और Secondary Winding. Primary Winding को हमेशा Supply Voltage से जोड़ा जाता है और Secondary Winding को load के साथ जोड़ा जाता है। जब भी Transformer की Primary Winding को supply voltage दी जाती है तो Primary Winding से एक Magnetic Flux पैदा होता है जोकि Transformer Core की चारो तरफ घूमने लगता है, जैसा कि Diagram में दिखाया गया है। जब ये Magnetic Flux Secondary Winding के साथ लिंक करता है तो Secondary Winding में ई.एम.एफ EMF पैदा होती है जिसकी वजह से हमको Secondary Winding से Output Voltage मिल जाता है।


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Transformer Working Principle in Hindi. Transformer Working Transformer Working Principle in Hindi. Transformer Working Reviewed by Joshi Brothers on July 18, 2018 Rating: 5

What is Transformer and Why use Transformer in Hindi.

July 13, 2018
इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको पता लग जाएगा कि Transformer क्या होता है, और ये कैसे काम करता है ? अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |
What is Transformer and Why use Transformer in Hindi.
What is Transformer and Why use Transformer in Hindi.
Transformer एक ऐसा Electrical Machine है जो Electrical Energy को एक level से दूसरे level में बदलता है। ये Voltage और Current को बिना उसकी Frequency बदले कम या ज्यादा करता है। Transformer एक Electromagnetic स्थिर मशीन है, जिसकी वजह से इसमें कोई भी घूमने वाला पार्ट नही होता जिससे Electrical losses बहुत कम हो जाते है।
आज के आधुनिक युग मे Transformer के बिना Electrical या Electronics Engineering में तरक्की कर पाना बहुत मुश्किल है, क्योकि आज के समय में Transformer का बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है Voltage और Current को कम या ज्यादा करने के लिए, फिर चाहे वो आपका Mobile Charger हो, T.V या LCD हो या कोई भी Electrical या Electronics की Device हो हर जगह Transformer का उपयोग किया जाता है।


Transformer दो प्रकार के होते है:-

(1) Step Up Transformer.
(2) Step Down Transformer.


(1) Step Up Transformer :- वो Transformer जो कम Voltage को ज्यादा Voltage में बदलते है उन्हें step up transformer कहा जाता है, इस टाइप के transformer ज्यादा तर Generating Station में देखे जा सकते है।
(2) Step Down Transformer :- वो Transformer जो ज्यादा Voltage को कम Voltage में बदलते है उन्हें step down transformer कहा जाता है, इस टाइप के transformer को sub stations में देखा जा सकता है।
Transformer में दो winding होती है, Primary Winding और Secondary Winding. Transformer की जिस Winding को Supply Voltage से जोड़ा जाता है वो Primary Winding होती है और जिस Winding को Load से जोड़ा जाता है उसे Secondary Winding कहते है।

Single phase and Three phase Transformer


Transformer चाहे वो Single phase में हो या फिर Three phase में दोनों ही Transformer का Working Principle एक ही होता है, दोनों ही Faraday's के Electromagnetic Induction पर काम करते है। Three Phase Transformer में दो तरह से Winding की जाती है। Star type Winding और Delta type Winding. Star Winding से हमको आउटपुट में चार wire मिलती है जिसमें तीन फेज और एक नूट्रल होता है। और Delta Winding में सिर्फ तीन फेज मिलते है जोकि हम इनपुट में देते है। Star Winding ज्यादातर Distribution Transformer में इस्तेमाल की  है और Delta Winding Transmission में इस्तेमाल की जाती है। Delta Winding को हम Transmission में इसलिए इस्तेमाल 
करते है क्योंकि Transmission में हमको Neutral Wire की जरूरत नही पड़ती और Neutral Wire के Transmission में एक जगह से दूसरी जगह नही पहुचाया जाता बल्कि Neutral Wire के लिए Transformer की Secondary में Star Winding की जाती है जिससे कि हमको तीन फेज वायर के साथ - साथ एक Neutral Wire भी मिलता है।

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