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Losses in DC Generator in Hindi. Copper Losses, Iron Losses and Mechanical Losses.

January 04, 2019
DC Generator एक ऐसी machine है Mechanical Energy को DC Electrical Energy में बदलती है| Mechanical Energy से DC Electrical में बदलते समय इसमें कुछ losses भी  होते है जिनके बारे में आपको इस पोस्ट में पढ़ने को मिलेगा| अगर आपको हमारे द्वारा दी गई ये जानकरी पसंद आए तो कृपया करके इस पोस्ट के निचे हमको comment करके जरूर बताएं| अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

Losses in DC Generator in Hindi. Copper Losses, Iron Losses and Mechanical Losses.
Losses in DC Generator

Losses in DC Generator (डी. सी जनरेटर में हानिया)


DC Generator में mechanical energy दी जाती है और वो उस mechanical energy को electrical energy में बदलता है| dc generator के अंदर winding और core होने की वजह से इसमें कुछ हानिया (losses) भी होते है, जोकि ऊष्मा के रूप में होते है जिनकी वजह से कुछ power नष्ट हो जाती है या ख़त्म हो जाती है| इस वजह से dc generator को जितनी mechanical energy दी जाती है उससे उतनी ही electrical energy नहीं मिल पाती| मुख्य रूप से एक dc generator के अंदर तीन प्रकार के losses होते है-

  1. Copper Losses (कॉपर लॉसेस)
  2. Iron Losses (आयरन लॉसेस)
  3. Mechanical Losses (मैकेनिकल लॉसेस)

Copper Losses (कॉपर लॉसेस)


Copper Losses एक प्रकार से Variable Losses  होते है और ये losses पूरी तरह से लोड करंट पर आधारित होते है| Copper Losses पूरी तरह से Armature Winding, Field Winding और Brush में होते है|

Armature Winding (आर्मेचर वाइंडिंग)


जब DC Generator चलता है तो DC Generator के Armature Winding में Current पैदा होती है| Armature Winding का भी कुछ Resistance होता है जिसकी वजह से इसके अंदर losses होते है|

Field Winding (फील्ड वाइंडिंग)


DC Generator के field winding में भी कुछ resistance होता है जिसकी वजह से field winding में भी कुछ power losses होते है| field winding, armature के series और parallel में लगाया जाता है|

Brush Contact (ब्रश कांटेक्ट)


जब DC Generator चलता है तो उस DC Generator से बाहरी circuit में supply देने के लिए Carbon Brush का इस्तेमाल किया जाता है| Carbon Brush, के Commutator पर लगे होने की वजह से इसमें हानियां (losses) होते है, क्योकि commutator एक rotating device होती है|

Iron Losses (आयरन लॉसेस)


Iron losses एक प्रकार से constant losses होते है, इनका load current से किसी भी प्रकार का कोई लेना देना नहीं होता है, DC Generator चाहे load से कनेक्ट हो या ना हो ये एक सामान ही रहते है| Iron Losses, Armature or Field Winding की कोर्स में होते है, Iron Losses भी दो प्रकार के होते है-

  1. Hysteresis Losses (हिस्टैरिसीस लॉसेस)
  2. Eddy Current Losses (एड़ी करंट लॉसेस

Hysteresis Losses (हिस्टैरिसीस लॉसेस)


Hysteresis की वजह से होने वाले losses को Hysteresis Losses कहा जाता है, ये Armature core, और Field core में होते है|

Eddy Current Losses (एड़ी करंट लॉसेस)


Eddy Current Losses होने की वजह Armature Core और Field Core में उत्त्पन्न गर्मी होती है| Armature core और Field Core, Silicone Steel के बने होते है, हर एक silicone steel की plate एक दुसरे से पूरी तरह से laminate होती है ताकि cores के बिच का गैप ख़त्म किया जा सके और losses कम किये जा सकें, लेकिन फिर भी जब DC Generator चलता है तो उसके armature में power losses होते है जिनको eddy current losses बोला जाता है|

Mechanical Losses (मैकेनिकल लॉसेस)


जब DC Generator चलला है तो उसके अंदर कुछ mechanical parts भी rotate होते है जैसे की Bearing और Carbon Brush में Friction जिसकी वजह से इसके mechanical parts की लाइफ धीरे - धीरे कम होने लग जाती है और इनको ही Mechanical Losses बोला जाता है|

दोस्तों ये थे Losses in DC Generator हम आसा करते है की ये पोस्ट आपको पसंद आई होगी और इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके Losses in DC Generator से रिलेटेड सभी doubt clear हो गए होंगे, फिर भी अगर आपके कोई doubt है तो आप निचे comment कर सकते है, हमको ख़ुशी होगी आपके doubt clear करने में|
Losses in DC Generator in Hindi. Copper Losses, Iron Losses and Mechanical Losses. Losses in DC Generator in Hindi. Copper Losses, Iron Losses and Mechanical Losses. Reviewed by Joshi Brothers on January 04, 2019 Rating: 5

Types of DC Generator in Hindi, DC Series Generator, DC Shunt Generator, DC Compound Generator

July 28, 2018
Types of DC Generator in Hindi, DC Series Generator, DC Shunt Generator, DC Compound Generator:- जैसा की हम जानते है DC Generator एक ऐसी मशीन है जो Mechanical Energy को DC Electrical Energy में बदलता है| वैसे तो आज के समय में DC Generator काफी कम इस्तेमाल में लाए जाते है फिर भी अगर हम इनके इस्तेमाल की बात करें DC Generator को Battery Charging, Electroplating, Labs etc में ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है| वैसे तो DC Motor और DC Generator का Construction एक जैसा होता है लेकिन Working Principle दोनों का अलग - अलग होता| जहाँ DC Motor DC Electrical Energy को Mechanical Energy में बदलता है तो वही DC Generator Mechanical Energy को DC Electrical Energy में डालता है| किसी भी DC Generator में दो Winding होती है पहली Field Winding और दूसरी Armature Winding. अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

Types of dc Generator in hindi, dc series Generator, dc Shunt Generator, dc Compound Generator
DC Generator

DC Generator के प्रकार (Types of DC Generator)

  • DC Series Generator.
  • DC Shunt Generator.
  • DC Compound Generator.


DC Series Generator:- DC Series Generator का उपयोग वही पर किया जाता है, जहाँ पर स्थिर लोड (Constant Load) हो क्योकि इस Generator का Current, Load पर आधारित होता है। जैसे - जैसे लोड पड़ेगा Generator की Output Current भी बढ़ती चली जाएगी। इसलिए इन Generator को सिर्फ स्थिर लोड पर ही लगाया जाता है। जैसे DC Series Motor में दो Winding होती है, ठीक उसी प्रकार DC Generator में भी दो Winding होती है Field Winding और Armature Winding. इस Generator में Field Winding Armature के series में लगी होती है, जिसकी वजह से Armature Winding और Field Winding दोनों में एक सा Current Flow होता है। DC Series Generator में Field Winding मोटी तार कम टर्न और कम Resistance वाली होती है। इस Generator को चालू करने से पहले इस बात का ध्यान रखा जाता है कि सभी लोड पहले से ही on होने चाहिए। अगर लोड off होंगे तो ये Generator चालू नही होगा। DC Series Generator को Distribution System में Booster की तरह उपयोग किया जाता हैं।

DC Shunt Generator:- DC Shunt Generator में भी दो Winding होती है, पहली Field Winding और दूसरी Armature Winding. इस Generator में Field Winding, Armature के Parallel में लगाई जाती है। field winding पतली तार व ज्यादा टर्न्स वाली होती है। इस Winding का Resistance भी ज्यादा होता है। field winding के Series में एक Resistance लगा होता है जोकि field winding का current और flux दोनों को control करता है। इस प्रकार field winding और resistance दोनों ही Armature के पैरेलल में लगे होते है। इस Generator की लागत काफी कम होती है और इसका साइज भी होता है। Maintenance की दृष्टि से भी ये काफी अच्छे होते है, इनको कम देख रेख की आवश्यकता होती है और इनका voltage भी आसानी से control किया जा सकता है, लेकिन जिस प्रकार DC Series Generator को लोड के साथ ही स्टार्ट किया जा सकता है उस प्रकार DC Shunt Generator को स्टार्ट नही किया जा सकता। ये Generator लोड के साथ स्टार्ट नही होते।

DC Compound Generator:- DC Compound Generator में तीन Winding होती है। Series field winding, Shunt field winding और Armature winding. इस Generator की series field winding मोटी तार व कम टर्न्स की होती है, जिसका Resistance भी कम होता है। Shunt field winding पतली तार व ज्यादा टर्न्स वाली होती है जिसका Resistance ज्यादा होता है। इस Generator की दो types होती है।


  • Cumulative Compound Generator
  • Differential Compound Generator

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Types of DC Generator in Hindi, DC Series Generator, DC Shunt Generator, DC Compound Generator Types of DC Generator in Hindi, DC Series Generator, DC Shunt Generator, DC Compound Generator Reviewed by Joshi Brothers on July 28, 2018 Rating: 5

DC Generator Working Principle in Hindi. DC Generator Construction in Hindi

July 16, 2018
DC Generator एक ऐसी DC Machine है, जो Mechanical Energy को DC Electrical Energy में बदलती है। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |
DC Generator Working Principle in Hindi.
DC Generator

DC Generator का Working Principle

DC Generator फैराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्सन के सिद्धांत पर काम करता है। फैराडे के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्सन के अनुसान जब भी कोई चालक (Conductor) किसी चुम्बकीय बल रेखाओ को काटता है या काटने की कोसिस करता है तो उन चालको (Conductors) में EMF पैदा होती है, और ये EMF फ्लक्स (Flux) परिवर्तन की दर और उन चालकों की संख्या के समानुपाती (Proportional) होती है।

DC Generator के मुख्य भाग:-


(1) स्टेशनरी भाग (Stationary Parts)
(2) रोटेटिंग भाग (Rotating Parts)

(1) स्टेशनरी भाग (Stationary Parts):- ये DC Generator के वह भाग होते है जो DC Generator के चलने की स्थिति में स्थिर रहते है, इस दौरान Generator के इन भागों में किसी भी प्रकार का कोई Movement नही होता, और ये भाग है:-

(a) बॉडी (Body):- Body Generator का वह भाग होता है जिसमें पूरा Generator Cover किया रहता है| इसमें Generator की Armature Winding, Field Winding और शाफ़्ट सभी Body से कवर होते है। आज कल body ज्यादातर Fabricated Steel की बनाई जाती है।


(b) आई - बोल्ट (Eye Bolt):- Eye Bolt, Generator body के सबसे ऊपर वाले भाग में लगा होता है। इसको लगाने का मुख्य कारण यही होता है, की जब भी Generator को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना हो तो Eye Bolt की मदद से उठाकर ले जाया जा सकता है। Eye Bolt Generator के साइज पर निर्भर करता है कि कितना बड़ा या कितने Eye Bolt लगाने है। वैसे Eye Bolt सभी मशीनों में लगाए जाते है।

(c) पोल (Pole):- Pole कास्ट आयरन या नर्म स्टील को lamination करने बनाया जाता है, ये या तो body पर फिक्स किये रहते है या फिर body से अलग होते है।

(d) योक (Yoke):- ये DC Generator के Construction करने वाले पर निर्भर करता है कि वो एक Generator में Yoke और body दोनों लगाता है या इनमें से कोई एक क्योकि कभी - कभी या तो Yoke लगा रहता है या फिर Body होती है। Yoke, Magnetic Flux के लिए एक आसान रास्ता बनाने का काम करता है।

(d) ब्रश और ब्रश गियर (Brush or Brush Gear):- Brush का मुख्य काम Generator के Commutator से Supply Voltage लेकर उसको बाहरी Circuit को देना होता है। शायद आपने Hand Grill Machine में Brush देखें हो, उसमें जो Brush लगते है वो Carbon Brush होते है, जिनका काम बाहरी Circuit से Voltage लेकर Armature को देना होता है।

DC Generator में तीन प्रकार के Brush प्रयोग किए जाते है।

(i) कॉपर ब्रश (Copper Brush):- Copper Brush ज्यादातर ज्यादा Rating वाले यानी कि बडे Generators में इस्तेमाल किया जाता है, क्योकि Copper का होने की वजह से ये काफी Hard होते है, जिसकी वजह से Commutator के खराब होने की सम्भावनाएं बड़ जाती है, और जिनका Resistance भी कम होता है।
(ii) कार्बन ब्रश (Carbon Brush):-  जैसा कि हमने ऊपर बताया था आपको की Carbon Brush, Drill Machine में भी इस्तेमाल किए जाते है। carbon brush सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आने वाले brush होते है, क्योकि इनके इस्तेमाल से Commutator के कोई नुकसान नही होता ये Copper Brushs की तरह hard नही होते।

(iii) कॉपर और कार्बन ब्रश (Copper or Carbon Brush):- Copper or Carbon Brush को High Rating के Generators में इस्तेमाल किया जाता है। इनको Copper और Carbon के मिश्रण से बनाया जाता है।

(e) साइड कवर (Side Cover):- Side Cover, Generator की Body को कवर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें Bearing लगे होते है जोकि शाफ़्ट को सही से center में रखते है।

(f) बेयरिंग (Bearing):- किसी भी Machine में Bearing को इस्तेमाल करने का मुख्य कारण Machine के चलते समय घर्षण कम करना होता है। घर्षण के होने से Losses होते है और घर्षण जितना कम किए जा सकें उतनी ही Machine की लाइफ बढ़ती है। Bearing को DC Generator में भी घर्षण कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और इनके इस्तेमाल से मशीन की Smoothness भी बढ़ जाती है।

बेयरिंग (Bearing) के भी तीन प्रकार होते है:-

(i) स्लीव बेयरिंग (Sleeve Bearing):- Sleeve Bearing का इस्तेमाल कम Rating या छोटे Generators में किया जाता है।

(ii) बाल बेयरिंग (Ball Bearing):- Ball Bearing सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला Bearing है। इसके अंदर छोटे - छोटे Balls लगे होते है जिनमे ग्रीस लगाकर इनकी चिकनाई और Smoothness और भी ज्यादा बड़ाई जाती है।

(iii) रोलर बेयरिंग (Roller Bearing):- Roller Bearing, high Rating के Generators के लिए इस्तेमाल किए जाते है। इन Bearings को ज्यादा से ज्यादा वजन सहन करने के लिए design किया जाता है और ये काफी समय तक चलते है।

(2) रोटेटिंग भाग (Rotating Parts):- ये भाग DC Generator के वो भाग होते है जो DC Generator के चलने के समय Movement करते है, और ये भाग है:-

(a) आर्मेचर (Armature):- DC Generator में Armature एक Rotating Part होता है। Armature Magnetic Area में घूमता है। इसमें winding के लिए slots बने होते है, जिनमे armature winding की जाती है। Armature, Silicone Steel को Laminate करके बनाया जाता है, ताकि Eddy Current Losses और Hysteresis Losses को कम किया जा सके।

(b) कम्यूटेटर (Commutator):- Commutator हार्ड कॉपर का segment होता है और हर एक segment एक दूसरे से laminate करके shaft पर लगे होते है। Commutator की मदद से ही Generator, Brush को output voltage देता है और फिर Brush उस voltage को बाहरी circuit तक पहुचा देते है।

(c) पंखा और शाफ़्ट (Fan and Shaft):- shaft and fan भी DC Generator के Rotating भाग होते है। fan, Commutator के opposite side में लगा होता है ये Generator को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। fan cast iron के बने होते है। shaft पर Fan, Armature, Commutator और Bearing लगे होते है। shaft को mild steel से बनाया जाता है।

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