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Difference Between Conductors and Semiconductors in Hindi, Know all about Conductors and Semiconductors

January 02, 2019
Difference Between Conductors and Semiconductors in Hindi, Know all about Conductors and Semiconductors इस पोस्ट में हम conductors and semiconductors के बारे में बात करेंगे| Conductor and Semi-Conductor को Electrical and Electronics में इस्तेमाल किया जाता है| हर वो धातु जिसमे से Electrical Current फ्लो हो सकती है वो Conductor है, और Semi-Conductor ना तो पूरी तरह से Conductor होते है और ना ही पूरी तरह से Insulator होते है, इसलिए ही इनको Semi-Conductor बोला जाता है| चलिए इनके बारे में थोड़ा Details में जानने की कोसिस करते है-

conductor and semiconductor in hindi
Conductor and Semi-Conductor
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What is Conductor  (कंडक्टर क्या है ?)


ऐसे पर्दाथ जिनमे से Electric Current या फिर Free Electrons आसानी से प्रवाहित (flow) हो सकते है उनको conductors बोला जाता है| किसी भी पर्दाथ की Conductivity उस प्रदार्थ में उपस्थित Electrons की संख्या पर निर्भर करती है| अच्छे Conductors वो होते है जिनका Resistance कम से कम हो|

Properties of Conductors (चालकों के गुण)


जिनते भी conductor है उन सभी की कुछ न कुछ property होती है जैसे-

  1. Silver (चांदी) - इनका उपयोग Electrical Measuring Instrument, Capacitors, Circuit Breakers Contact Points etc को बनाने के लिए किया जाता है| 
  2. Copper (ताम्बा) - इनका उपयोग Electrical Cable, Motor Winding, Transformer Winding, Electric Chock etc में किया जाता है| 
  3. Aluminium (एल्युमीनियम) - इनका उपयोग Electrical Cable, Winding, Capacitor etc में किया जाता है| 
  4. Brass (पीतल) - brass का उपयोग Electrical Helping Equipment's बनाने में किया जाता है| 
  5. Iron (लोहा) - iron का इस्तेमाल machines की body बनाने में किया जाता है, iron भी electrical current का एक अच्छा conductor है| 
  6. Nichrome (नाइक्रोम) - नाइक्रोम का उपयोग ज्यादातर Heating Element बनाने के लिए किया जाता है| 
  7. Tungsten (टंगस्टन) - टंगस्टन का उपयोग ज्यादातर Electric Bulb, CFL आदि के Element बनाने में किया | 
  8. Carbon (कार्बन) - Carbon का उपयोग Resistance, Carbon Brush और Electrode बनाने में किया जाता है| 
इस प्रकार और भी बहुत सी धातु है जोकि एक Conductor है और उनको Electrical and Electronics Circuit में इस्तेमाल किया जाता है|

What is Semi-Conductors (सेमी-कंडक्टर क्या है) ?


वो पर्दाथ जो ना तो अच्छे Conductor होते है और ना ही अच्छे Insulator होते है, ऐसे पर्दाथों को Semi-Conductor बोलै जाता है| Semi-Conductor का Resistance बहुत ज्यादा होता है, और इनके परमाणु में free electrons की संख्या भी कम होती है| जैसे की Germanium, Silicon, Boron, Carbon आदि|  Semi-Conductor में किसी दुसरे पर्दाथ की अशुद्धि मिला कर Diode और Transistor जैसे Electronics Equipment's बनाए जाते है|

Important Electrical and Electronics Engineering Books in Hindi and English language.

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Types of Electrical Circuit in Hindi, |Open Circuit, Closed Circuit, Short Circuit and Leakage Circuit in Hindi|

December 16, 2018
Types of Electrical Circuit in Hindi, |Open Circuit, Closed Circuit, Short Circuit and Leakage Circuit in Hindi| इस पोस्ट में हम आपको Electrical Circuit के प्रकार बता रहे है की Electrical Circuit कितने प्रकार के होते है? दोस्तों Electrical or Electronics Circuit तीन प्रकार के होते है:-

  • Open Circuit (ओपन सर्किट)
  • Closed Circuit (क्लोज्ड सर्किट)
  • Short Circuit (शार्ट सर्किट)
  • Leakage Circuit (लीकेज सर्किट)
Types of Electrical Circuit in Hindi, |Open Circuit, Closed Circuit, Short Circuit and Leakage Circuit in Hindi|
 Types of Electrical Circuit in Hindi
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जितने भी Electrical or Electronics Circuit होते है वो इन चार प्रकार के ही होते है, अगर हम बात करें Maintenance की तो किसी भी Machine का Maintenance करते समय इन ही चार Circuit को ध्यान में रखा जाता है, क्युकी हर एक machine का circuit इन्ही चार प्रकार में से एक होता है|

Open Circuit (ओपन सर्किट)


Electrical or Electronics Circuit में open circuit का मतलब है की circuit कही बिच में से ओपन हो गया है, या इसको अगर इस तरह से समझा जाए की मान लो एक 100 W का बल्ब को Supply Voltage से जोड़ा जाता है लेकिन बल्ब जलता नहीं है या फिर काम नहीं करता तो हम सबसे पहले supply चेक करते है अगर supply आ रही है, तो फिर बल्ब की supply cable को चेक किया जाता है, अगर Neutral और Phase wire में से कोई भी एक वायर बिच में से टूटी हो तो वो बल्ब नहीं जलेगा और इस प्रकार के circuit को Open Circuit बोलै जाता है| 

Closed Circuit (क्लोज्ड सर्किट)


जो circuit सही से काम कर रहे होते है उनको Closed Circuit बोला जाता है, फिर चाहे Circuit Electrical का हो या फिर Electronics का हो| जैसे की आपको Open Circuit में एक 100 W के बल्ब का उदहारण दिया था ठीक उसकी प्रकार अगर वो circuit ठीक से काम करता है, या फिर बल्ब की वायर supply voltage से जोड़ते ही बल्ब जलने लगता है तो इसका मतलब ये है की Circuit बिलकुल ठीक है या फिर Closed Circuit है|


Short Circuit (शार्ट सर्किट)


अगर आपने कभी ध्यान दिया हो तो आपको पता होगा की कई बार short circuit की वजह से हमारे घर या फिर कंपनी में main mcb off हो जाती है जिसकी वजह से कई बार तो घर की पूरी ही supply चली जाती है और mcb on करने पर भी on नहीं होती बल्कि दोबारा से off हो जाती है, इसका मतलब ये होता है की घर की wiring में Phase wire और Neutral wire आपस में कही मिल गए है जिसकी वजह से short circuit हो रहा है| कई बार तो short circuit होने की वजह से आग भी लग जाया करती है ऐसे circuits को Short Circuit बोला जाता है और इनके बचने के लिए Neutral wire और Phase wire दोनों को ही insulate करना पड़ता है|

Leakage Circuit (लीकेज सर्किट)


जब कोई circuit किसी मशीन की बॉडी, जमीन या फिर किसी गीली दीवाल या जमीन के सम्पर्क में आता है या कोई electrical wire इनके सम्पर्क में आता है तो उस circuit या फिर wire में से current, earth होने लगता है| इस प्रकार के circuit को leakage circuit बोला जाता है|

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Ohms Law in Hindi, Know all about ohms law in Hindi. |Resistance in Hindi|

December 14, 2018
Electrical or Electronics Engineering में हम जितने भी circuit बनते है वो सभी circuit कही ना कही ohms law पर आधारित होते है| ohms law की खोज जॉर्ज साइमन ओम के द्वारा की गई थी इस law के द्वारा अगर किसी सर्किट में हमको voltage, current या resistance में से किसी भी दो की वैल्यू पता है तो हम तीसरे की वैल्यू निकल सकते है| अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

Ohm's law in hindi
Ohm's Law

ohms law के अनुसार


किसी circuit में फ्लो होने वाली current उस circuit के दोनो सिरों पर लगे potential difference के समानुपाती होती है, अगर उस circuit की physical condition ना बदली जाए तो| ohms law के अनुसार V = IR होता है| 

V = IR
I = V/R
R = V/I

Resistance Law (रेजिस्टेंस का नियम)


Resistance किसी भी Electrical या Electronics Circuit में current के बहने में बाधा उतन्न करता है| जैसे हम किसी पाइप में से बहते हुए पानी को कण्ट्रोल करने के लिए नल या किसी वाल का उपयोग करते है ठीक उसी प्रकार अगर पानी current है तो जिससे पानी कण्ट्रोल किया जा रहा है वो नल या फिर वाल resistance है| resistance का मान निचे दिए गए कुछ बातो पर निर्भर करता है|



Length (लम्बाई) :- किसी भी Conductor का Resistance उस Conductor के लम्बाई पर
निर्भर करता है। Resistance, Conductor की लंबाई के Proportional होता है।

Area of Cross Section (अनुप्रस्थ क्षेत्रफल) :- Resistance किसी भी Conductor के अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के विलोमानुपाती है।

Specific Resistance (विशिष्ट प्रतिरोध) :- Resistance इस बात पर भी निर्भर करता है कि Conductor किस प्रदार्थ का बना है। Resistance, Specific Resistance के Proportional होता है।

Temperature (तापमान) :- किसी भी Conductor का Resistance उस Conductor के तापमान पर भी निर्भर करता है। जैसे ज्यादा तापमान ज्यादा Resistance और कम तापमान कम Resistance

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Three Phase Rectifier Circuit Theory in Hindi, Rectifier Working Principle |Full Explain|

September 22, 2018
Three Phase Rectifier Circuit Theory in Hindi, Rectifier Working Principle इस पोस्ट में हम जानने वाले है की three phase rectifier कैसे बनता है और ये किस तरह से काम करता है ? हमने अपनी एक पोस्ट में बताया था की Rectifier क्या होता है और bridge rectifier कैसे बनाया जाता है और ये कैसे काम करता है ? इस पोस्ट में हम three phase rectifier के बारे में जानेंगे| अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |

Three Phase Rectifier Circuit Theory in Hindi, Rectifier Working Principle |Full Explain|
Three Phase Rectifier

Three Phase Rectifier क्या है? (What is Three Phase Rectifier?)


हमने अपनी Rectifier वाली पोस्ट में आपको बताया था की Rectifier का मुख्य काम AC Supply को DC Supply में बदलना है| हमारे घरो में Mobile Charger, LED TV, Radio, LED Bulb जैसे जितने भी Appliances है वो सभी DC Supply पर काम करते है, और इन सभी Appliances में Rectifier का इस्तेमाल किया जाता है| हमने अपनी Rectifier वाली पोस्ट में आपको Single Phase Rectifier के बारे में बताया था, जिस प्रकार से Single Phase Rectifier का काम Single Phase AC Supply को DC Supply में बदलना है, ठीक उसी प्रकार से Three Phase Rectifier भी Three Phase AC Supply को DC Supply में बदलने का काम करता है| Rectifiers को बनाने के लिए Diodes का इस्तेमाल किया जाता है, जो Rectifier, Single Phase AC Supply पर काम करते है उनको बनाने के लिए एक, दो या चार Diodes का प्रयोग किया जाता है| एक diode से Half Wave Rectifier बनता है जो AC Supply की सिर्फ Half Wave को ही Rectifie करता है, दो Diodes से Full Wave Rectifier बनता है ये AC Supply की दोनों Waves को Rectifie करता है| चार Diodes से Bridge Rectifier बनता है, Bridge Rectifier भी Full Wave Rectifier की तरह ही AC Supply के दोनों Waves को Rectifie करता है?


Three Phase Rectifier

जिस प्रकार से single phase ac supply को rectifier की मदद से dc supply बदला जाता है ठीक उसी प्रकार से three phase ac supply को भी dc में बदला जाता है| three phase rectifier को welding machines में बहुत इस्तेमाल किया है| अगर आपने Mogra की Welding machines देखी है या इस पर काम किया है तो आपको पता होगा की Mig Welding की machines में three phase rectifier इस्तेमाल किया जाता है|

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What is Rectifier and how it work in hindi. Bridge Rectifier

August 10, 2018
What is Rectifier and how it work in hindi. Rectifier एक ऐसा Electronics Component है जो आज के समय मे हर किसी Electrical and Electronics Appliances and Machines में इस्तेमाल होता है। Rectifier का मुख्य काम A.C (Alternative Current) को D.C (Direct Current) में बदलना होता है। इसको किसी भी Circuit में इसलिए ही इस्तेमाल किया जाता है ताकि हम A.C supply को D.C में बदल सकें। Rectifier को बनाने के लिए हम Diodes का इस्तेमाल करते है। Diodes ही एक ऐसा Component है जो A.C को सीधे D.C में बदलता है। Rectifier के भी कुछ प्रकार होते है, और इनको हम अपने Load के हिसाब से सेलेक्ट करते है। अगर आप हमारी सभी latest पोस्ट का update पाना चाहते है, तो आप हमको Instagram पर Follow कर सकते है, क्योकि सभी latest पोस्ट हम Instagram पर update करते रहते है |
What is Rectifier and how it work in hindi.
Bridge Rectifier

Rectifier के प्रकार (Types of Rectifier)


  1. Half Wave Rectifier
  2. Full Wave Rectifier
  3. Bridge Rectifier

1. Half Wave Rectifier

Half Wave Rectifier के Working Principle को जानने से पहले हम ये जानते है कि Half Wave Rectifier बनते कैसे है। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि Rectifier को बनाने के लिए हमें Diodes की जरूरत पड़ती है। Half Wave Rectifier को बनाने के लिए हम सिर्फ एक ही Diode को इस्तेमाल में लाते है। इस प्रकार के Rectifier कम power के लिए बनाए जाते है और ज्यादातर इनको Single Phase Power Supply पर इस्तेमाल में लाया जाता है। जैसा कि हमको इसके नाम से ही पता लग रहा है कि Half Wave Rectifier A.C Supply की सिर्फ Half Wave को ही Rectify करता है। ये या तो A.C की Positive cycle को Rectify करेगा या फिर Negative cycle को। किसी भी एक cycle के Rectify हो जाने के बाद दूसरी cycle को ब्लॉक कर दिया जाता है, इस प्रकार इस Rectifier से हमको A.C की सिर्फ Half Wave ही Rectify होकर मिलती है।

2. Full Wave Rectifier


Full Wave Rectifier को बनाने के लिए दो Diodes का इस्तेमाल किया जाता है ये Rectifier, Half Wave Rectifier से ज्यादा power के होते है और इनको भी single phase supply पर इस्तेमाल किया जाता है। full Wave Rectifier ज्यादातर इस्तेमाल किए जाते है क्योंकि ये Rectifier, A.C Supply को बिल्कुल pure D.C Supply में बदल देते है। हमारे घरों में इस्तेमाल होने वाले T.V, Mobile Charger, D.C fan जैसे सभी उपकरणों में इन Rectifiers का इस्तेमाल किया जाता है।

3. Bridge Rectifier

Bridge Rectifier को हमेशा high power, accuracy और बिल्कुल pure D. C supply के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें चार Diodes का प्रयोग किया जाता है। Bridge Rectifier भी Full Wave Rectifier होता है। ये भी A.C Supply को बिल्कुल pure D.C Supply में बदलता है।

अगर आप इस टॉपिक के बारे में ज्यादा डिटेल में जानना चाहते है तो आप Wikipedia पर पढ़ सकते है | 

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